Tuesday, December 15, 2009

जीवन वृक्ष












रखिये वृक्ष का सम्मान.
एक वृक्ष दस पुत्र समान..

सूख रहे हैं ताल तलैया..
अब तो वृक्ष लगा लो भैया..

यह संदेशा रखिये याद.
नहीं करें वन को बर्बाद..

झेले धूप, बिठावै छांव.
चलो वृक्ष, के पूजैं पांव..

कैथ, बील, बट, आंवला, शीशम, पीपल, आम.
जो पाले इन वृक्ष को, पाये स्वर्ग मे धाम..

वन पर बादल रीझ कर, बरसाते निज प्यार.
जल है जीवन, जगत को वृक्ष का उपहार..

ग्यारह वृक्ष लगाये यदि, जीवन मॆ इन्सान.
पाप मुक्त हो जायेगा, कहते वेद पुराण..

सौ बीमारी दूर हो, कहते वैध हकीम.
हर ऑगन लहराये, जो लिये निवोरी नीम..

अमृत वायु देकर हमें, स्वयं करें विष पान.
तरुवर तुममें दीखते, शिव शंकर भगवान..

आभूषण हैं भूमि के, वृक्ष हमारे मीत.
इन्हें कुल्हाडी मारकर करो न तुम भयभीत..

7 comments:

  1. क्या डॉ साहेब.. छुट्टी में पेड़ लगाने का इरादा है.. मस्त.. लगे रहिये..

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  2. एक एक शब्द सच कहा है आपने ..पेड सच में संतान के समान ही हैं ...काश कि इंसान इसे समझ पाए

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  3. aap ki ya rachana prerna dayak hai
    aap ko holi ki subh kamana

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  4. sunder sandesh deti kavita! badhai :-)

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  5. बेहतरीन पोस्ट :
    shiva12877.blogspot.com

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  6. Trees r our best friend.Trees r our best friend.

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